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Whatsapp Status || Whatsapp Status in Hindi || Whatsapp Status Shayari

                 दोस्तों आज के इस पोस्ट में आज कुछ व्हाट्सप्प स्टेटस शायरी , लव शायरी , शेयर करने जा रहा हु , जो आप अपने व्हाट्सप्प स्टेटस पर लगा सकते है।  यदि आप और भी शायरी पढ़ना चाहते है तोह आप मेरे ऐसी वेबसाइट पे विसिट कर सकते है।   वेबसाइट पे आपको सभी प्रकार के शायरी , मोटिवेशनल कोट्स मिल जायेगे। 

 





लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा  है मुझ से,
तेरी आँखों  ने तो कुछ और कहा है मुझ से।


दिलों में गर पली बेजा कोई हसरत नहीं होती,
हम इंसानों को इंसानों से यूँ नफरत नहीं होती।


चला जाऊँगा मैं धुंध के बादल की तरह,
देखते रह जाओगे मुझे पागल की तरह,
जब करते हो मुझसे इतनी नफरत तो क्यों,
सजाते हो आँखो में मुझे काजल की तरह।


खुदा सलामत रखना उन्हें,
जो हमसे नफरत करते हैं,
प्यार न सही नफरत ही सही,
कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं।


तुम दूर होकर ♥️भी इतने अच्छे लगते हो,
ना जाने पास होते तो कितने अच्छे लगते।


अच्छा लगता है जब कोई कहता है, 
कोई बात नहीं, मै हूं ना तुम्हारे साथ।


तेरी धड़कन ही ‪ज़िंदगी‬ का किस्सा है मेरा,
तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा 🤗 है मेरा,
मेरी ‪‎मोहब्बत‬ तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा..!!


तेरी नफरतों को प्यार की खुशबु बना देता,
मेरे बस में अगर होता तुझे उर्दू सीखा देता


जुदाइयों के ज़ख़्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए,
तुझे भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया।


जुदाई इश्क़ का दस्तूर क्यूँ है हम नहीं समझे,
मोहब्बत इस क़दर मजबूर क्यूँ है हम नहीं समझे।


कितना भी खुश रहने की कोशिश कर लो,
जब कोई बेहद याद आता है तो सच में बहुत रुलाता है।


कुछ लडकिया तो इतनी सुन्दर होती है,
की  मैं मन ही मन में खुद को रिजेक्ट कर लेता हु।


जो जरा किसी ने छेड़ा तो छलक पड़ेंगे आँसू,
कोई मुझसे यूँ न पूछे तेरा दिल उदास क्यों है?


कालेज की गलियो में अजीब खेल होता है, 
क्लास के बहाने दिलो का मेल होता है, 
नोट्स की जगह लव होता है, 
इस लिए तो पप्पू हर साल फेल होता है।


क्यूँ ज़िन्दगी में ज़ख्म पे मरहम बन जाते हैं दोस्त,
क्यूँ ज़िन्दगी में साथ निभाते हैं दोस्त,
उनसे न खून का होता है न रिवाज़ का होता है रिश्ता,
क्यूँ फिर भी दूर तक साथ चलते हैं दोस्त।


मौजूद थी उदासी अभी पिछली रात की,
बहला था दिल जरा कि फिर रात हो गयी।


बताओ है कि नहीं मेरे ख्वाब झूठे,
कि जब भी देखा तुझे अपने साथ देखा।


पत्थर हूँ मैं... चलो मान लिया मैंने,
तुम तो हुनरमंद थे तराशा क्यूँ नहीं?


धन्यवाद् 


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